ुनेने व कीड़े (WORMS IN ANUS)

गुदा में चुनेने व कीड़े (WORMS IN ANUS)

परिचय 

यह अधिकतर बच्चों में होता है। बच्चों के पेट में कब्ज होने के कारण मल (पैखाना) शुष्क (सूखा) हो जाता है जिससे मल त्यागने में परेशानी होती है और गुदा में चुनेने व कीड़े उत्पन्न हो जाते हैं।

उपचार

एरण्ड :

बच्चों की गुदा में कीड़े होने पर एरण्डी का तेल पिलाकर बच्चे का पेट साफ कराएं। फिर पीली चूब 5 ग्राम और बायबिडंग 5 ग्राम लेकर पीसकर चूर्ण बना लें। आधी चुटकी चूर्ण मां के दूध में मिलाकर रोजाना बच्चे को सुबह देने से लाभ मिलता है।

चंदन :

चंदन के तेल को नींबू के तेल के रस में मिलाकर लगाने से मलद्वार की खुजली दूर हो जाती है।

नीम :

बच्चे की गुदा में कीड़े होने पर नीम के तेल में रूई भिगोकर बच्चे की गुदा के अन्दर लगाएं। इससे गुदा के कीड़े मर जाते हैं।

हींग :

हींग, सेंधानमक और एरण्ड के तेल से बत्ती बनाकर गुदा में रखने से वायु का अनुलोमन होकर मल शुद्धि होती है।
हींग को पानी के साथ पीस लें और रूई में लगाकर बच्चे के गुदा के अन्दर लगाएं। इससे गुदा के कीड़े मर जाते हैं।

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